Mewat Ground Reality: Army के बाद युवाओं का भविष्य

 

 


 

 

कई बार जिंदगी में सबसे बड़ा सवाल यह नहीं होता कि हम कितना दौड़े, बल्कि यह होता है कि अगर मंजिल तक न पहुँच पाए तो आगे कौन-सा रास्ता चुनेंगे। यही सवाल आज मेवात के हजारों युवाओं के सामने खड़ा है। सुबह चार बजे उठकर दौड़ना, घंटों Physical Practice करना, लिखित परीक्षा की तैयारी करना और सालों तक Army का सपना देखना—यह सब आसान नहीं है। लेकिन जब आखिर में Selection List आती है और उसमें अपना नाम नहीं होता, तब एक नया संघर्ष शुरू होता है। यही वह पल है जहाँ बहुत से युवाओं का आत्मविश्वास टूट जाता है। लेकिन क्या सचमुच यहीं से जिंदगी खत्म हो जाती है? बिल्कुल नहीं। यहीं से एक नई शुरुआत भी हो सकती है, अगर सही दिशा मिल जाए।

मेवात की Ground Reality यह है कि यहाँ का युवा Army को केवल एक नौकरी नहीं मानता। उसके लिए यह Deshbhakti, Respect, Discipline और परिवार के सम्मान का प्रतीक है। शायद ही कोई ऐसा गाँव होगा जहाँ कोई Fauji न हो। हर साल हजारों युवा Army Recruitment की तैयारी करते हैं। अनुमान लगाया जाए तो कई इलाकों में 30 से 40 प्रतिशत युवा किसी न किसी समय Army की तैयारी करते हैं। लेकिन एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि अगर 100 युवा तैयारी करते हैं, तो उनमें से केवल 1 या 2 का ही Selection हो पाता है। इसका मतलब यह हुआ कि लगभग 98 युवाओं को दूसरा रास्ता तलाशना पड़ता है। यहीं से सबसे बड़ा सवाल पैदा होता है—अगर Army में Selection नहीं हुआ, तो आगे क्या?

दुर्भाग्य की बात यह है कि मेवात के बहुत से युवाओं के पास इस सवाल का जवाब पहले से तैयार नहीं होता। कई लड़के पाँच-पाँच साल तक केवल Army की तैयारी करते रहते हैं। जब उम्र निकल जाती है या बार-बार असफलता मिलती है, तब उन्हें समझ नहीं आता कि अब किस दिशा में जाएँ। बहुत से युवा मजबूरी में Driving Line चुन लेते हैं, कुछ खेती-बाड़ी में लग जाते हैं, कुछ छोटे-मोटे काम करने लगते हैं और कुछ धीरे-धीरे अपने सपनों से समझौता कर लेते हैं। मेहनत के इन सभी कामों का सम्मान है, लेकिन सवाल यह है कि क्या पाँच साल मेहनत करने वाले एक युवा के पास केवल यही विकल्प होने चाहिए?

यहीं पर हमें अपने सोचने का तरीका बदलना होगा। अगर कोई युवा Army की तैयारी कर सकता है, रोज़ सुबह दौड़ सकता है, Physical Fitness बनाए रख सकता है, Discipline में रह सकता है और कठिन Competition का सामना कर सकता है, तो इसका मतलब है कि उसके अंदर मेहनत करने की क्षमता पहले से मौजूद है। कमी मेहनत की नहीं है, कमी Plan-B की है। आज मेवात के हजारों युवाओं को यह समझाने की जरूरत है कि Army उनका सपना हो सकता है, लेकिन भविष्य केवल एक ही सपने पर नहीं टिका होना चाहिए। अगर Selection हो जाए तो यह गर्व की बात है, लेकिन अगर किसी कारणवश Selection न हो, तो जिंदगी वहीं रुक नहीं जानी चाहिए।

यहीं पर Education सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर कोई युवा Army की तैयारी के साथ-साथ अपनी Graduation पूरी करे, Computer Skills सीखे, English Communication पर काम करे, ITI, Polytechnic, Skill Development Courses, SSC, Railway, Police, Paramilitary Forces, State Services, Banking, Entrepreneurship और अन्य Career Options के बारे में भी जानकारी रखे, तो उसके सामने एक नहीं बल्कि कई रास्ते खुल सकते हैं। आज दुनिया बदल रही है। केवल सरकारी नौकरी ही सफलता का एकमात्र रास्ता नहीं है। Skill रखने वाला युवा Industry में भी आगे बढ़ सकता है, अपना Business भी शुरू कर सकता है और नई Technology के साथ भी काम कर सकता है।

अब यहाँ एक और महत्वपूर्ण सवाल उठता है। अगर कल मेवात में बड़ी Industries आ जाएँ और हजारों नई Jobs निकलें, तो क्या Army की तैयारी करने वाले आज के युवा उन Jobs के लिए तैयार होंगे? Ground Reality यह कहती है कि पूरी तरह नहीं। कारण यह नहीं कि उनमें Talent नहीं है, बल्कि कारण यह है कि बहुत से युवाओं की पढ़ाई दसवीं या बारहवीं के बाद रुक जाती है। बड़ी Companies को केवल मेहनती लोग नहीं, बल्कि Skilled और Educated Workforce भी चाहिए। अगर Education मजबूत होगी, Technical Skills होंगी और Professional Training होगी, तभी मेवात का युवा उन अवसरों का पूरा लाभ उठा पाएगा। इसलिए Industry और Employment की शुरुआत भी अंततः Education से ही होकर गुजरती है।

मैं, Nasir Buchiya, व्यक्तिगत रूप से मानता हूँ कि मेवात के युवाओं में मेहनत की कोई कमी नहीं है। अगर कमी है, तो केवल सही दिशा और मजबूत Career Planning की। Army की तैयारी छोड़ने की बात मैं बिल्कुल नहीं कहता। जो युवा देश की सेवा का सपना देखते हैं, उन्हें पूरी ईमानदारी से कोशिश करनी चाहिए। लेकिन इसके साथ-साथ उन्हें अपने भविष्य का दूसरा रास्ता भी तैयार रखना चाहिए। Army के साथ Education, Army के साथ Skill, Army के साथ Graduation और Army के साथ Career Planning—यही आने वाले समय की सबसे बड़ी जरूरत है। क्योंकि अगर किसी कारण से Selection नहीं होता, तो वही Education और वही Skills आगे चलकर उसकी सबसे बड़ी ताकत बनेंगी।


मेरे अनुसार अब समय आ गया है कि मेवात के Schools, Colleges और Coaching Centres केवल Army Recruitment की तैयारी तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों को यह भी सिखाएँ कि Career केवल एक रास्ते का नाम नहीं है। हर School में Career Guidance होनी चाहिए। हर College में बच्चों को Competitive Exams, Technical Courses और Entrepreneurship के बारे में बताया जाना चाहिए। Parents को भी अपने बच्चों पर केवल एक नौकरी का दबाव डालने की बजाय उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों के बारे में समझाना चाहिए। Panch और Sarpanch को भी अपने गाँव के युवाओं के लिए Career Awareness Program आयोजित कराने चाहिए, ताकि कोई भी युवा केवल जानकारी के अभाव में अपना भविष्य सीमित न कर दे।

अंत में मैं सिर्फ इतना कहना चाहूँगा कि Army में Selection होना गर्व की बात है, लेकिन Selection न होना हार की निशानी नहीं है। असली हार तब होती है जब इंसान कोशिश करना छोड़ देता है। मेवात का युवा मेहनती है, ईमानदार है, अनुशासित है और संघर्ष करना जानता है। अगर उसी मेहनत को Quality Education, Skill Development और सही Career Guidance का साथ मिल जाए, तो वह केवल Army ही नहीं, बल्कि IAS, IPS, Engineer, Doctor, Entrepreneur, Professor और Industry Leader भी बन सकता है। इसलिए सपना Army का जरूर देखिए, लेकिन भविष्य को केवल एक दरवाजे तक सीमित मत रखिए। क्योंकि जिंदगी हमेशा उन लोगों को नए रास्ते देती है, जो सीखना और आगे बढ़ना नहीं छोड़ते।

Writer: Nasir Buchiya
Website: https://hindimewati.blogspot.com

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