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मकर संक्रांति का त्योहार क्यों मनाया जाता है | Makar Sankranti Festival

 

परिचय (Introduction)

भारत त्योहारों का देश है और यहां हर पर्व का अपना महत्व है। इन्हीं में से एक प्रमुख पर्व है मकर संक्रांति। यह पर्व हर साल जनवरी महीने में मनाया जाता है। लेकिन सवाल यह है कि makar sankranti ka tyohar kyu manate hai? दरअसल, यह पर्व केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसका गहरा वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व भी है। इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है और इसे सूर्य के उत्तरायण होने की शुरुआत माना जाता है। हिंदू धर्म में उत्तरायण का बहुत महत्व है क्योंकि इसे देवताओं का दिन कहा गया है। इस दिन दान, स्नान और सूर्य उपासना को विशेष फलदायी माना गया है। साथ ही, यह पर्व किसानों के लिए भी नए मौसम और फसल की शुरुआत का प्रतीक है। यही कारण है कि पूरे भारत में इसे अलग-अलग नाम और परंपराओं के साथ मनाया जाता है।


मकर संक्रांति क्या है? (What is Makar Sankranti?)

मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। इसी वजह से इसे "संक्रांति" कहा जाता है, जिसका अर्थ होता है – एक राशि से दूसरी राशि में सूर्य का संक्रमण। यह दिन सामान्य दिनों से विशेष होता है क्योंकि इसके बाद सूर्य उत्तरायण होता है और धीरे-धीरे दिन बड़े होने लगते हैं जबकि रातें छोटी होने लगती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत का सही समय होता है। लोग मानते हैं कि इस दिन किए गए स्नान और दान का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी इस दिन का महत्व है क्योंकि सूर्य की बदलती स्थिति से मौसम में परिवर्तन आता है। ठंड धीरे-धीरे कम होने लगती है और लोगों को अधिक धूप मिलती है। यही वजह है कि लोग पूछते हैं, makar sankranti ka tyohar kyu manate hai, तो इसका सीधा उत्तर है – यह पर्व सूर्य की शक्ति, प्रकाश और ऊर्जा का स्वागत करने के लिए मनाया जाता है।

makar sankranti


वैज्ञानिक और खगोलीय महत्व (Scientific and Astronomical Importance)

मकर संक्रांति का पर्व केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका गहरा वैज्ञानिक और खगोलीय महत्व भी है। इस दिन सूर्य का धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश होना "सूर्य संक्रमण" कहलाता है। खगोल शास्त्र के अनुसार, इस बदलाव के बाद सूर्य उत्तरी गोलार्ध की ओर बढ़ने लगता है, जिससे दिन बड़े और रातें छोटी होती जाती हैं। इसी कारण से इस दिन को "उत्तरायण" की शुरुआत कहा जाता है। अगर हम सोचें कि makar sankranti ka tyohar kyu manate hai, तो इसका एक बड़ा उत्तर यह भी है कि यह दिन प्रकृति के नए चक्र का संकेत देता है। कृषि के दृष्टिकोण से भी यह समय महत्वपूर्ण है क्योंकि फसलें पककर तैयार हो जाती हैं और किसानों के लिए नई उम्मीदें लेकर आती हैं। वैज्ञानिक रूप से देखें तो इस दिन से लोगों को अधिक धूप मिलती है जिससे विटामिन-डी का लाभ होता है और शरीर को ठंड से लड़ने की ताकत मिलती है। इस प्रकार, मकर संक्रांति धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है? (Why Makar Sankranti is Celebrated?)

अब सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर makar sankranti ka tyohar kyu manate hai? यह पर्व मनाने के पीछे कई धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक कारण हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करता है तो वह उत्तरायण हो जाता है और इस दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत का समय माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि उत्तरायण देवताओं का दिन और दक्षिणायन उनकी रात होती है। इसलिए मकर संक्रांति को शुभ दिन कहा गया है।

सामाजिक दृष्टि से देखें तो यह पर्व भाईचारे और एकता का प्रतीक है। लोग एक-दूसरे को तिल और गुड़ की मिठाइयाँ देकर कहते हैं – "तिलगुल घ्या, गोड गोड बोला" यानी "मिठास खाओ और मिठास बोलो।" इससे समाज में प्रेम और सद्भाव बढ़ता है।

वैज्ञानिक दृष्टि से भी इस दिन का महत्व है क्योंकि इस समय सूर्य की किरणें अधिक सीधी पड़ती हैं और मौसम में बदलाव आता है। अधिक धूप से ठंड कम होती है और किसानों को नई फसलों का आशीर्वाद मिलता है।

सीधे शब्दों में कहें तो लोग पूछते हैं makar sankranti ka tyohar kyu manate hai, तो इसका उत्तर है – यह पर्व धार्मिक पुण्य, सामाजिक भाईचारे और वैज्ञानिक लाभों के कारण मनाया जाता है।


धार्मिक दृष्टिकोण से मकर संक्रांति (Makar Sankranti ka Tyohar Kyu Manate Hai – Religious View)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाता है। हिंदू शास्त्रों में उत्तरायण को देवताओं का दिन और दक्षिणायन को उनकी रात कहा गया है। इसलिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए स्नान, दान और तप से मनुष्य को सौ गुना फल प्राप्त होता है।

पुराणों में उल्लेख है कि मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और गंगातट पर दान का विशेष महत्व है। इस दिन तिल, गुड़, कंबल, अन्न और घी का दान करने से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि लोग पूछते हैं makar sankranti ka tyohar kyu manate hai, तो धार्मिक दृष्टिकोण से इसका उत्तर यही है कि यह दिन पुण्य कमाने और पापों से मुक्ति पाने का अवसर है।

महाभारत में भी इसका उल्लेख मिलता है कि भीष्म पितामह ने अपने जीवन का त्याग इसी दिन किया क्योंकि उत्तरायण को मोक्ष प्राप्ति का श्रेष्ठ समय माना गया है। इस दृष्टि से यह पर्व केवल त्योहार नहीं बल्कि आत्मा की मुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है।


हिंदू धर्मग्रंथों में मकर संक्रांति (Makar Sankranti in Hindu Scriptures)

हिंदू धर्मग्रंथों में मकर संक्रांति का विशेष उल्लेख मिलता है। स्कंद पुराण, पद्म पुराण और महाभारत में इसका महत्व बताया गया है। महाभारत के अनुसार, भीष्म पितामह ने तीरों की शैया पर उत्तरायण की प्रतीक्षा की और जब सूर्य उत्तरायण हुआ, तब उन्होंने अपनी देह त्यागी। इसका अर्थ है कि इस दिन आत्मा को मुक्ति मिलना आसान होता है।

पुराणों में कहा गया है कि मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और तिलदान से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यही कारण है कि हर साल लाखों श्रद्धालु गंगा सागर और प्रयागराज में स्नान करने जाते हैं।

लोग जब पूछते हैं कि makar sankranti ka tyohar kyu manate hai, तो शास्त्रों का उत्तर यही है – यह पर्व आत्मिक शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का द्वार है। इस दिन किए गए अच्छे कर्म और दान व्यक्ति के जीवन को पवित्र बनाते हैं और उसे ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।


मकर संक्रांति पर किए जाने वाले अनुष्ठान (Rituals Performed on Makar Sankranti)

मकर संक्रांति पर कई धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं जिनका शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। सबसे पहले, लोग सुबह जल्दी उठकर गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं। इसे पापों को धोने और आत्मा को शुद्ध करने वाला कार्य माना गया है। स्नान के बाद दान करना सबसे पुण्यकारी माना जाता है। तिल, गुड़, घी, अन्न और कंबल का दान इस दिन विशेष फलदायी होता है।

इसके अलावा लोग सूर्य देव की उपासना करते हैं। घर की छत या आँगन में खड़े होकर जल अर्पित करना और मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। कुछ लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं और शाम को परिवार संग विशेष भोजन करते हैं।

जब कोई पूछता है कि makar sankranti ka tyohar kyu manate hai, तो उसका एक उत्तर यह भी है कि यह दिन ईश्वर की कृपा पाने और पुण्य कमाने के लिए उत्तम अवसर है। इस दिन किए गए दान और तप मनुष्य के जीवन को सुखमय बनाते हैं और उसे आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं।


भारत में क्षेत्रीय रूप से मकर संक्रांति (Regional Celebrations in India)

भारत विविधताओं का देश है, इसलिए हर प्रांत में मकर संक्रांति का रूप अलग होता है। पंजाब में इसे लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है। लोग अलाव जलाकर नाचते-गाते हैं और नई फसल की खुशी मनाते हैं। तमिलनाडु में इसे पोंगल कहा जाता है, जहां लोग चावल और गुड़ से बनी खीर बनाते हैं और सूर्य देव को अर्पित करते हैं।

गुजरात और राजस्थान में इस दिन को उत्तरायण कहते हैं और वहां पतंगबाजी का खास आयोजन होता है। पूरा आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। उत्तर प्रदेश और बिहार में इसे खिचड़ी पर्व कहते हैं और विशेष खिचड़ी बनाकर बांटी जाती है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में लोग इसे "संक्रमण" कहते हैं और तिल-गुड़ बांटते हैं।

तो अगर पूछा जाए कि makar sankranti ka tyohar kyu manate hai, तो एक कारण यह भी है कि यह पर्व पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोता है और अलग-अलग संस्कृतियों में एकता का संदेश देता है।


मकर संक्रांति और पतंगबाजी (Makar Sankranti and Kite Flying Tradition)

मकर संक्रांति का नाम आते ही सबसे पहले पतंगबाजी का ख्याल आता है। खासकर गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में इस दिन पतंग उड़ाने की परंपरा है। आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है और बच्चे-बूढ़े सभी इसमें भाग लेते हैं। पतंगबाजी केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है।

सर्दियों के मौसम में धूप का सेवन शरीर के लिए जरूरी होता है। पतंग उड़ाते समय लोग घंटों धूप में रहते हैं, जिससे उन्हें विटामिन-डी मिलता है और सेहत मजबूत होती है। साथ ही पतंग उड़ाना शरीर की कसरत भी है क्योंकि इसमें हाथ, आंख और दिमाग का तालमेल जरूरी होता है।

अगर कोई पूछे कि makar sankranti ka tyohar kyu manate hai, तो उसका जवाब यह भी है कि इस दिन की गतिविधियां हमें स्वस्थ, खुशहाल और एकजुट बनाती हैं। पतंगबाजी इस पर्व की सबसे मजेदार परंपरा है, जो लोगों को जोड़ती है और खुशियां बांटती है।


मकर संक्रांति का त्योहार क्यों मनाया जाता है | Makar Sankranti Festival मकर संक्रांति का त्योहार क्यों मनाया जाता है | Makar Sankranti Festival Reviewed by Hindi Mewati Blogs Nasir Mewati on रविवार, अगस्त 31, 2025 Rating: 5

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